earthquake in russia – 2025 में रूस के सुदूर पूर्वी कामचटका (Kamchatka) प्रायद्वीप में आया भीषण भूकंप पूरी दुनिया की सुर्खियों में रहा। 30 जुलाई, 2025 को रिकॉर्ड किए गए 8.8 तीव्रता (magnitude) के इस भूकंप ने न सिर्फ रूसी भूभाग, बल्कि पूरे प्रशांत क्षेत्र में हलचल मचा दी। यह घटना इतिहास के सबसे शक्तिशाली भूकंपों में शामिल कर ली गई है।
रुस का प्राचीन और आधुनिक इतिहास क्या कहता है?
रूस, विशेषकर इसका पूर्वी हिस्सा – कामचटका प्रायद्वीप और कुरिल द्वीप (Kuril Islands) – दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय जोन में आता है। 1952 में कामचटका में 9.0 तीव्रता का भूकंप और उससे जुड़ी सूनामी ने भारी तबाही मचाई थी। 1737, 1841, 1923, 1952 और 2025 के भूकंप क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं; अक्सर इन भूकंपों के साथ सूनामी का खतरा भी जुड़ा रहता है।
| वर्ष | स्थान | तीव्रता | प्रभाव |
|---|---|---|---|
| 1737 | कामचटका | 8.3 | सूनामी, तबाही |
| 1841 | कामचटका | 9.0 | भीषण सूनामी |
| 1923 | कामचटका | 8.4 | सूनामी, 3 मौतें |
| 1952 | कामचटका | 9.0 | सूनामी, 2,336 मौतें |
| 2025 | कामचटका | 8.8 | सूनामी, संपत्ति हानि |
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रूस में इतने शक्तिशाली भूकंप क्यों?
रूस का फॉर ईस्ट ज़ोन, खासकर कामचटका, “Pacific Ring of Fire” का हिस्सा है – यानी वो क्षेत्र जहा दो विशाल टेक्टोनिक प्लेटें (Pacific Plate और Okhotsk Plate) एक-दूसरे के नीचे-ऊपर सरकती हैं। इसे “Subduction Zone” कहते हैं। इसी Subduction Zone के किनारे बार-बार ऊर्जा जमा होती है और अचानक प्लेट्स के खिसकने पर भीषण भूकंप आते हैं।
- प्लेट टेक्ट्रोनिक्स: पृथ्वी के आंतरिक हिस्से में उथल-पुथल का सीधा असर सतह पर—प्लेटों के टकराव से ऊर्जा सैकड़ों सालों तक जमा होती रहती है, जो एक झटके में बाहर आती है।
- भूकंप का केंद्र: 2025 में आए भूकंप का केंद्र समुंदर में था, यह ‘कमी गहराई’ (20.7 किमी) पर उत्पन्न हुआ।
भूकंप कहां और कितने और कितने Magnitude का आया?
- तारीख: 30 जुलाई 2025 (स्थानीय समय: सुबह)
- तीव्रता: 8.8 (USGS)
- गहराई: 20-21 किमी
- स्थान: समुद्र तट से 119 किमी पूर्व-दक्षिणपूर्व, कामचटका
प्रभाव
- सूनामी चेतावनी: पूरे प्रशांत में, जापान, हवाई, अलास्का और दक्षिण अमेरिका तक सूनामी अलर्ट जारी किया है
- स्थानीय क्षति: तटीय क्षेत्रों में जलभराव, इमारतों को नुकसान, मछली बंदरगाह व किंडरगार्टन को क्षति12
- जन-धन हानि: कुछ घायलों की पुष्टि, व्यापक जनहताहत नहीं।
- इतिहास में छठा सबसे शक्तिशाली भूकंप – अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार
- सुनामी खतरा – लहरों की ऊँचाई अपेक्षा से कम रही, आपदा को सीमित किया।
यह भूकंप इतना बड़ा क्यों था?
Subduction Mega-thrust Earthquake: यह भूकंप दो प्लेटों (Pacific और Okhotsk) के बीच मुख्य तौर पर ‘शैलो रिवर्स फॉल्टिंग’ के कारण आया।प्लेट्स 600 किमी लंबाई तक फिसलीं, जिससे इतना उच्च मेग्नीट्यूड संभव हुआ।समुंदर के तले का बड़ा हिस्सा ऊपर-नीचे हुआ, जिससे समुद्र का पानी अचानक विस्थापित हुआ और लहरें बनीं; पर इस बार लहरें अपेक्षा से कम विनाशकारी रहीं।
भविष्य की संभावनाएँ और खतरे
- क्षेत्र में आफ्टरशॉक्स (6-7.5 तीव्रता के) संभावित हैं16।
- इन्फ्रास्ट्रक्चर, खासकर समुद्रतटीय गाँवों, बंदरगाहों और मछली उद्योग पर असर।
- समय-समय पर पुनर्निर्माण और चेतावनी प्रणालियों को अपडेट करना जरूरी।
- जियोलॉजिस्ट मानते हैं कि यह इलाका भविष्य में भी बड़े भूकंपों के लिहाज़ से संवेदनशील बना रहेगा।
कामचटका (रूस) का यह 8.8 तीव्रता का भूकंप न सिर्फ इतिहास के, बल्कि विज्ञान और मानव सुरक्षा के लिहाज़ से भी मील का पत्थर बन गया है। यह घटना दिखाती है कि दुनिया के कुछ हिस्सों में प्रकृति की ताकत हर वक्त सतर्क रहने की मांग करती है। ऐसे क्षेत्रों के लिए सशक्त आपदा प्रबंधन, त्वरित चेतावनी प्रणालियाँ और जागरूकता आज जीवन रक्षा की सबसे मजबूत चाबी है।
